प्रधानमंत्री के ‘क्षय रोग मुक्त भारत’ अभियान को मजबूती देने की दिशा में राजधानी लखनऊ से एक प्रेरणादायक पहल सामने आई है। लायंस क्लब ‘एक परिवार’ ने 12 क्षय रोग (टीबी) मरीजों को गोद लेकर उनके संपूर्ण इलाज के दौरान पोषण सहायता उपलब्ध कराने का संकल्प लिया है। क्लब ने स्पष्ट किया है कि जब तक इन सभी मरीजों का उपचार चलेगा, तब तक उन्हें नियमित रूप से ‘पोषण पोटली’ प्रदान की जाती रहेगी।
लोहिया संस्थान में आयोजित हुआ विशेष कार्यक्रम
यह कार्यक्रम डॉ. राममनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान (गोमती नगर) के हॉस्पिटल ब्लॉक में आयोजित किया गया, जहां चयनित 12 टीबी मरीजों को पोषण सामग्री वितरित की गई। क्लब पदाधिकारियों ने कहा कि टीबी के इलाज में दवाइयों के साथ संतुलित आहार और उचित पोषण की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। मरीज यदि नियमित दवा के साथ पर्याप्त पोषण भी प्राप्त करे, तो उसके शीघ्र स्वस्थ होने की संभावना कई गुना बढ़ जाती है। इसी सोच के साथ क्लब ने उपचार की पूरी अवधि तक इन मरीजों की जिम्मेदारी उठाई है।
स्वास्थ्य विभाग और क्लब पदाधिकारियों की रही गरिमामयी मौजूदगी
इस अवसर पर लायंस क्लब ‘एक परिवार’ की पूरी टीम और कई गणमान्य सदस्य उपस्थित रहे। कार्यक्रम में चिकित्सा क्षेत्र और टीबी इकाई से जुड़े वरिष्ठ अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने भी सहभागिता की। सोनू अग्रवाल (नर्सिंग अधीक्षक, हॉस्पिटल ब्लॉक), अरुण कुमार (वरिष्ठ उपचार पर्यवेक्षक, टीबी इकाई), पीयूष कुमार सिंह (टीबी लैब पर्यवेक्षक), सुधीर सिंह (टीबी एच.बी.) और स्वास्थ्य परिदर्शक वेंकटेश तिवारी का विशेष सहयोग रहा।
समाज के लिए प्रेरणादायक सामाजिक संकल्प
क्लब पदाधिकारियों ने कहा कि संस्था भविष्य में भी इस प्रकार के सेवा कार्यों को निरंतर जारी रखेगी, ताकि जरूरतमंद मरीजों को समय पर सहायता मिल सके। लोहिया संस्थान की टीम ने भी इस पहल की सराहना करते हुए इसे सामाजिक जिम्मेदारी का उत्कृष्ट उदाहरण बताया। यह कदम न केवल टीबी मुक्त भारत के लक्ष्य को आगे बढ़ाने में सहायक होगा, बल्कि समाज में सहयोग और संवेदनशीलता का संदेश भी देगा।
